कैंसर के इन 5 संकेतों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, समय पर जांच से बच सकती है जान

स्वास्थ्य डेस्क।

कैंसर का नाम सुनते ही लोगों के मन में डर बैठ जाता है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि अगर इस बीमारी की पहचान शुरुआती स्टेज में हो जाए तो इसका इलाज काफी हद तक संभव है। समस्या यह है कि ज्यादातर लोग शरीर में दिखाई देने वाले शुरुआती संकेतों को सामान्य बीमारी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं और जब तक डॉक्टर के पास पहुंचते हैं, तब तक बीमारी गंभीर रूप ले चुकी होती है।

विशेषज्ञों के अनुसार भारत में कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि अधिकतर मरीजों में कैंसर का पता तीसरी या चौथी स्टेज में चलता है, जिससे इलाज मुश्किल और महंगा हो जाता है। वहीं शुरुआती स्टेज में पहचान होने पर मरीज के पूरी तरह स्वस्थ होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

शुरुआती स्टेज में पकड़े जाएं तो इन कैंसर का इलाज आसान

डॉक्टरों का कहना है कि कुछ प्रकार के कैंसर ऐसे हैं जिनका समय रहते पता चल जाए तो मरीज सामान्य जीवन जी सकता है। इनमें प्रमुख रूप से मुंह का कैंसर (ओरल कैंसर), ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और बड़ी आंत का कैंसर शामिल हैं।

अगर समय पर इलाज नहीं कराया जाता तो कैंसर शरीर के दूसरे अंगों जैसे फेफड़े, लिवर या हड्डियों तक फैल सकता है। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में मेटास्टेसिस कहा जाता है, जिसके बाद इलाज काफी जटिल हो जाता है।

आखिर लोग क्यों नहीं करा पाते समय पर जांच?

विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ी वजह जागरूकता की कमी है। लोग लगातार खांसी, कमजोरी या वजन कम होने जैसे लक्षणों को सामान्य बीमारी समझ लेते हैं।

दूसरी वजह कैंसर को लेकर लोगों के मन में बैठा डर है। कई लोग जांच कराने से ही बचते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि कहीं रिपोर्ट में कैंसर निकल आया तो क्या होगा।

तीसरी बड़ी समस्या नियमित हेल्थ चेकअप और स्क्रीनिंग की कमी है। हमारे यहां अधिकांश लोग तब तक डॉक्टर के पास नहीं जाते जब तक बीमारी गंभीर न हो जाए।

ये 5 संकेत दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें

1. लगातार खांसी

अगर कई हफ्तों तक खांसी ठीक नहीं हो रही है और दवाओं का असर भी नहीं दिख रहा है तो इसे हल्के में न लें।

2. बिना वजह वजन कम होना

अगर आप डाइटिंग या एक्सरसाइज नहीं कर रहे हैं फिर भी तेजी से वजन घट रहा है तो जांच जरूर कराएं।

3. मुंह के न भरने वाले छाले

मुंह या जीभ पर बने छाले लंबे समय तक ठीक नहीं हो रहे हैं, खासकर तंबाकू या गुटखा सेवन करने वालों को तुरंत जांच करानी चाहिए।

4. हर समय थकान महसूस होना

पर्याप्त आराम और अच्छी डाइट के बावजूद लगातार कमजोरी और थकान महसूस होना भी गंभीर संकेत हो सकता है।

5. शरीर में गांठ बनना

ब्रेस्ट, गले या शरीर के किसी हिस्से में बिना दर्द की गांठ दिखाई दे तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

डॉक्टरों की सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर से बचाव का सबसे बड़ा तरीका नियमित स्वास्थ्य जांच है। 40 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं को मैमोग्राफी और सर्वाइकल स्क्रीनिंग, जबकि पुरुषों को ओरल कैंसर समेत अन्य जरूरी जांच समय-समय पर करानी चाहिए।

याद रखें, कैंसर का मतलब हमेशा मौत नहीं होता। समय पर जांच, सही इलाज और जागरूकता से इस बीमारी को हराया जा सकता है। शरीर में कोई भी असामान्य बदलाव दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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