लखनऊ। आम नागरिकों तक निःशुल्क विधिक सहायता और कानूनी परामर्श की सुविधा प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से विकास भवन सभागार, लखनऊ में टेली-लॉ योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के संचालन, प्रगति, चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता राज्य समन्वयक वागीश सिंह ने की। इस दौरान उन्होंने कहा कि टेली-लॉ योजना ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए न्याय तक आसान पहुंच का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से लोगों को उनके घर के नजदीक ही कानूनी सलाह उपलब्ध कराना इस योजना की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

वागीश सिंह ने सभी अधिकारियों, पैनल अधिवक्ताओं और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से जुड़े कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे योजना के प्रति जनजागरूकता बढ़ाएं और अधिक से अधिक पात्र लोगों को इसका लाभ दिलाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना ही इस योजना का मूल उद्देश्य है।
बैठक में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए टेली-लॉ योजना के पैनल अधिवक्ता और 90 से अधिक सीएससी केंद्र प्रभारियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में योजना के क्रियान्वयन से जुड़े अनुभव साझा किए और जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं पर चर्चा की।
इस अवसर पर योगेश मिश्रा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से न्यायिक सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाना वर्तमान समय की आवश्यकता है। उन्होंने योजना के बेहतर संचालन के लिए विभागों, अधिवक्ताओं और सीएससी नेटवर्क के बीच मजबूत समन्वय पर बल दिया।
समीक्षा बैठक के दौरान लाभार्थियों की संख्या, सेवा वितरण की स्थिति और योजना के विस्तार से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही यह भी विचार किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों को टेली-लॉ योजना की जानकारी कैसे उपलब्ध कराई जाए।
प्रतिभागियों ने सुझाव दिया कि पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएं और डिजिटल माध्यमों का अधिक उपयोग कर लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता की सुविधा के बारे में बताया जाए। इससे गरीब, कमजोर और जरूरतमंद वर्ग के लोगों को समय पर विधिक सहायता प्राप्त करने में आसानी होगी।
बैठक के अंत में सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि टेली-लॉ योजना को और अधिक प्रभावी बनाते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और विधिक सहायता की सुविधा पहुंचाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य किया जाएगा। कार्यक्रम का माहौल सकारात्मक, सहभागितापूर्ण और जनहित के प्रति समर्पित रहा।
